Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Full _top_
चैत्यवंदन का अर्थ है भावपूर्वक जिन-प्रतिमा (प्रभु की मूर्ति) और जिन-मंदिर की स्तुति, वंदना और नमन करना। पालिताना पर्वत की चढ़ाई के दौरान अलग-अलग पड़ावों और मुख्य जिनालय में ये 5 चैत्यवंदन किए जाते हैं।
जैन धर्म के सबसे पवित्र महातीर्थ शत्रुंजय गिरिराज (पालीताना, गुजरात) की भावपूर्ण यात्रा का मुख्य आधार है Tattva Gyan । मान्यता है कि शत्रुंजय पर्वत के कण-कण में अनंत सिद्ध आत्माओं का वास है। पालीताना की प्रसिद्ध 99 यात्रा या सामान्य गिरिराज वंदना के दौरान मुख्य रूप से 5 विशेष स्थानों पर रुककर चैत्यवंदन (देव-वंदना) करने का विधान है Tattva Gyan Jainsite । palitana 5 chaityavandan in hindi full
आदिनाथ भगवान के प्रथम गणधर, जिन्होंने इसी पर्वत से मोक्ष प्राप्त किया था। palitana 5 chaityavandan in hindi full
प्रत्येक चैत्यवंदन करते समय इस क्रम का पालन करना चाहिए: palitana 5 chaityavandan in hindi full
2. द्वितीय चैत्यवंदन: प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ प्रभु